Entertainment & Music, Literature, shayari
maa baap saymore

माँ-बाप

माँ-बाप सोच रहा था वो गाडी, बंगला, पैसा कमाकर माँ-बाप को खुश कर देगा, अरे पगले, तेरी एक मुस्कान पे वो मरते है, उसे अब कौन समझाएगा.  
Entertainment & Music, Literature, Poems
humanity saymore

इंसानियत बचाओ

इंसानियत बचाओ :- जात धर्म के नाम पे बाँट रहे हे वो, काट रहे हो तुम, काट रहे हो तुम, कट इंसान रहा है लेकिन मर इंसानियत रही है. बचाओ इंसानियत को वरना पीढ़िया ख़राब हो जाएगी, इंसान तो नज़र ...

Quote

The solution to most of our problems are mostly one decision away!

Entertainment & Music, Literature, Poems
seashore saymore

किनारा और लेहरे

किनारा और लेहरे :– बताना नहीं पड़ता लेहरोंको की वो किनारे से प्यार करती है, अक्सर ख़ामोशी से छूकर किनारे को वो वापस चली जाती है| किनारा समझ नहीं पाता उन लेहरोंके प्यार को, या समझ के भी अपना नहीं पाता, ...
Entertainment & Music, Literature, Poems

दर्द और मुस्कान 

दर्द और मुस्कान  :- दर्द है, आँसू है, छिपाना पड़ता है इनको इसलिए चेहरे पे मुस्कान भी है | मुस्कान को भी तकलीफ है की कही वो झूठी साबित ना हो जाए और, तकलीफ को भी तकलीफ है की कही ...
Entertainment & Music, Literature, Others, Poems

धरती के टुकड़े

धरती के टुकड़े  :- रखा जिसने नौ महीने तुझे उसके पेट मे, उस माँ के आँसू दिख गए, रो रही है ये धरती, क्या वो तेरी माँ नहीं ? बाँट दिया उसे, कर दिए उसके टुकड़े जिसे तू अपनी माँ ...