Poems
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ना जाने क्यों

ना जाने क्यों ये शहर मुझे पसंद नहीं आ रहा ना जाने क्यों ये शहर मुझे रास नहीं आ रहा ना जाने क्यों यहां की गलिया मुझे मेरी मंजिल तक नहीं पहुंचा रही ना जाने क्यों यहां के रास्ते मुझे ...