Poems
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मै दूर जा रही थी

मैं दूर जा रही थी वो मेरे पास आ रहा था मैं गुस्सा हो रही थी वो सब सहता जा रहा था मैं चिल्ला रही थी वो मुझे सुनता जा रहा था मैं छोड़ ना चाहती थी वो मुझे पकड़े ...
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इंसानियत बचाओ

इंसानियत बचाओ :- जात धर्म के नाम पे बाँट रहे हे वो, काट रहे हो तुम, काट रहे हो तुम, कट इंसान रहा है लेकिन मर इंसानियत रही है. बचाओ इंसानियत को वरना पीढ़िया ख़राब हो जाएगी, इंसान तो नज़र ...

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The solution to most of our problems are mostly one decision away!